NFO और पुराने फंड में फर्क?
- Swati Kumari
- May 15, 2024
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Updated: Jun 24, 2024
NFO और Existing Fund में क्या फर्क होता है?
NFO का मतलब है – नया फंड – अंग्रेजी में इसे कहते हैं – New Fund Offer. ये एक नई स्कीम होती है, जो म्यूचुअल फंड हाउस ले कर आती है, निवशकों के लिए। इस नई स्कीम का एक नया investment objective होता है, जो कि उस फंड हाउस के बाकी सभी फंड से अलग होता है, इसलिए इसे नया कहा जा रहा है। देखिए, मार्केट रेगुलेटर सेबी ने कई कैटेगरी रखी है फंड हाउसेस के लिए, जिसके तहत वो फंड लांच कर सकते हैं। इक्विटी में लार्ज कैप एक कैटेगरी है, मिड कैप एक कैटेगरी है, स्मॉल कैप है, फ्लेक्सी कैप है, वगैरह वगैरह। तो फंड हाउस इन सभी कैटेगरी में एक एक फंड ला सकती है। मान लें कि हम एक फंड हाउस हैं, और मेरे पास स्मॉल कैप नहीं है, तो हम एक स्मॉल कैप फंड लांच करेंगे, अपने निवेशकों के लिए। तो वो जब पहली बार बाज़ार में आएगा तो उसे NFO कहेंगे। ये अलग कैसे है पुराने फंड से? क्योंकि नया है, तो कोई ट्रैक रिकॉर्ड नहीं होता। नया है तो पोर्टफोलियो भी नहीं होता जो कि पुराने में होगा। पोर्टफोलियो देख कर समझ आता है कि किस तरह के स्टॉक में पैसे पहले लगाए गए हैं, बाजार की उठा पटक पर किस तरह से फंड ने रिएक्ट किया है। नए में आपको सिर्फ ये पता होता है कि फंड कौन मैनेज करेगा, मतलब आपके पैसे कौन मैनेज करेगा और आप निवेश करते हैं सिर्फ उन सभी वादों में जो कि वो नया फंड आपसे कर रहा है।
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